हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार निम्नेनलिखित रिवायत "कामिलुज़-ज़ियारात" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
امام صادق علیهالسلام:
مَا مِنْ أَحَدٍ یَوْمَ الْقِیَامَةِ إِلَّا وَهُوَ یَتَمَنَّی أَنَّهُ مِنْ زُوَّارِ الْحُسَیْنِ، لِمَا یَرَی مِمَّا یُصْنَعُ بِزُوَّارِ الْحُسَیْنِ عَلَیْهِ السَّلَامُ مِنْ کَرَامَتِهِمْ عَلَی اللَّهِ تَعَالَی.
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:
क़यामत के दिन ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जो यह तमन्ना न करे कि काश वह इमाम हुसैन (अ) के ज़ायरीन में से होता, क्योंकि वह अपनी आँखों से देखेगा कि अल्लाह तआला ने इमाम हुसैन (अ) के ज़ायरीन को कितना महान सम्मान और प्रतिष्ठा प्रदान की है।
कामिलुज़-ज़ियारात, भाग 1, पेज142।
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